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फिंगर प्रिंट्स में छुपा है आपका भविष्य .. और छुपे हैं कई रहस्य.....जानें कैसे ???? DMIT Test से अपने व बच्चों के भविष्य, कैरियर के विषय में जान सकते हैं बड़ी सटीकता से .. क्या चल रहा है आपके दिमाग में जो आप नहीं जानते वो पता लगेगा अब DMIT Test से मात्र दो दिन के शोध से ... फिंगर प्रिंट्स से आपके दिमाग का पूरा हाल जाना जा सकता , हमारे वेद शास्त्रों में अनेकों विधियां हैं जिनपर आज भी सही ढंग से शोध नहीं हुआ , भविष्य जानने के लिए ज्योतिष की गणनाएं , फलादेश आदि की पद्धतियाँ सभी जानते हैं । किन्तु सही शोध किया जाय तो स्वयं के बारे में जन्म कुंडली से भी बेहतर उँगलियों के निशानों से जाना जा सकता है । क्योंकि जन्म सटीक न हो तो फलादेश, दशा महादशाओं में अंतर आ जाता है । इसलिये आज के परिपेक्ष्य में DMIT Test अपने आप में एक सफल पद्धति है। क्या है DMIT Test... अर्थात् Dermatoglyphlics Multipal Inteligenc Test इस टेस्ट बहुत आसान है इसमें दोनों हाथों की उँगलियों के तीन तरफ से तीन तीन प्रिंट लिए जाते हैं कुल 30 प्रिंट लिए जाते हैं । आपके इन प्रिंट्स को सटीक वैज्ञानिक पद्धति जांच के हेतु पहले सिंगापुर और फिर अमेरिका भेजा जाता है जहाँ पर इनका आधुनिक मशीनों पर गहन अध्ययन टेस्ट किया जाता है । जिसमें दो तीन दिन का समय लगता है । पूरी रिपोर्ट तैयार हो जाती है ।अब सैकड़ों लोगों को ने इस टेस्ट को कराकर पूर्ण संतुष्टि व लाभ प्राप्त किया है । यह टेस्ट मनुष्य शरीर की संरचना के आधार पर तैयार किया गया है । पांच तत्वों से निर्मित इस शरीर में विभिन्न मानव स्वभाव वर्गीकृत होते हैं । हड्डी मांस नाखून नसों के जाल (नाड़ी) त्वचा ये पृथ्वी तत्व से उत्पन्न हैं ।मल, मूत्र, वीर्य, खून, लार, थूक आदि जल तत्व से उत्पन्न हैं ।हँसी, नींद, भूख, भ्रम, आलस्य ये तेज यानि अग्नि से उत्पन्न हैं। धारण करना, चलना, चलाना, फेंकना, सिकुड़ना, फैलना ये वायु तत्व से निर्मित हैं । काम, क्रोध, लोभ, मोह, लज्जा, रिक्तता ये आकाश तत्व से उत्पन्न हैं । इस प्रकार पांच भौतिक मनुष्य शरीर में सात धातुएं अस्थि, रक्त, मांस, मेद (चर्बी) मज्जा, त्वचा, व वीर्य होती हैं , जो हमारे शरीर चिन्हों को प्रकट करते हैं । अस्थि मांस नखश्चैव नाड़ी त्वक् चेति पञ्चमः । पृथ्वी पञ्च गुना प्रोक्ता ब्रह्मज्ञानेन भाषित: ।। (ब्रह्मज्ञान तंत्र ) शरीर में उक्त पांचों तत्व और सातों धातुएं सदैव विद्य मान रहते हैं । जिससे हमारे खान - पान, रहन- सहन, सोच- विचार, जिज्ञासाएँ , चिंतन, योजनाएं , क्षमताएं आदि भूत, भविष्य, वर्तमान में घटित होने वाली बातों का घनिष्ट सम्बन्ध होता है । अतः इनका सही उपयोग लक्षण शास्त्र के अनुसार शरीर को देख कर, शरीर के रंग , आकृति चिन्ह आदि के अध्ययन से जातक का सटीक फलित किया जा सकता है । जो कुंडली से बेहतर हो सकता है । क्योंकि वहां किसी गणना व समय की त्रुटि की सम्भावना नहीं होती । जैसे कि सर्व विदित है कि हाथों की लकीरों से व्यक्ति का भविष्य जाना जा सकता है, उसी प्रकार DMIT Test के द्वारा जो सामुद्रिक शास्त्र से ही मुख्यतः लिया गया है , और आधुनिक तकनीक द्वारा हाथों की उँगलियों के निशान (चिन्हों) से मष्तिष्क का समुचित अध्ययन कर आपके भविष्य की पूरी रिपोर्ट विज्ञान सम्मत ढंग से तैयार की जाती है । कोटि वंदन है महर्ऋषि पराशर , समुद्र ऋषि , वाराहमिहिर, वेद व्यास, वाल्मीकि, मनु, गर्ग, मेघ विजय आदि हमारे ऋषि मुनियों को जिन्होंने कठिन तपस्या कर इतना गूढ़तम ज्ञान का भण्डार मानव कल्याण के लिए अर्पित किया है । सामुद्रिक शास्त्र , शरीर लक्षण शास्त्र ,अंग विद्या आदि के द्वारा आज मनुष्य ही नहीं पशु पक्षियों तक का विवरण जाना जा सकता है ।आज भी यह पूर्ण रूप से प्रासंगिक है । और इसके उपयोग से आप जीवन की काफी अन्तर्द्वंदों से निकल सकते । कठिन से कठिन समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं । उंगलियो के निशान अपने आप बहुत महत्वपूर्ण होते हैं ये चिन्ह हमारे स्वभाव विचार कार्य शैली और यहाँ तक कि भविष्य की योजनाओं का भी विवरण जाना जा सकता है । उँगलियों में मौजूद शंख, चक्र , पद्म, त्रिशूल , स्वस्तिक, मछली, ध्वजा, जौ आदि चिन्हों का आधुनिक पद्धति व ढंग से शोध ,अध्ययन कर बहुत कुछ जाना जा सकता है । जैसे - उदाहरणार्थ सामुद्रिक शास्त्र का यह प्राथमिक श्लोक देखें एक मप्युत्तमं स्पष्टं लक्षणं वेधवर्जितम् । सर्वांगीणं श्रियं दत्ते संततिं बहुमंगलम् ।। ( मेघ विजय ) इन श्लोकों से अनेक गूढ़तम रहस्यात्मकता से परिपूर्ण पद्धति है यह शरीर का विज्ञान । मेघविजय में स्पष्ट वर्णन है कि दोनों हाथों की दसों उँगलियों में चक्र के चिन्ह हों और हाथ कोमल लालिमा लिए हों तो ऐसे जातक राज तुल्य जीवन जीते हैं । ऐसे जातक या तो बहुत बड़े राजा या बहुत बड़े योगी होते हैं । इसके विपरीत दसों उँगलियों में सीपी का चिन्ह हो तो मनुष्य दुःखी रहता है । इस प्राचीन पद्धति पर अमेरिका के Dr. Gardener ने अनेक वर्षों तक शोध किया और एक वैज्ञानिक तकनीक ईजाद की जिससे मात्र उँगलियों निशानों से आपके स्वभाव, गुण, कैरियर, विवाह, रूचि और आने वाले समय में विशेष योजनाएं आपकी दिमागी क्षमता, विपरीत स्वभाव पर नियंत्रण, परिवार, बच्चे ,जीवन साथी, व्यवसाय, रोजगार आदि अनेकों बातें वैज्ञानिक पद्धति से जान सकते हैं , एक पूरी रिपोर्ट के साथ ......। यह पद्धति अब पहली बार लुधियाना में आपकी सेवा हेतु उपलब्ध है . अतः आप निम्न प्रकार से संपर्क स्थापित कर समय ले कर मिल सकते हैं आपका स्वागत है । As per Astrology Match making (kundli milaan) is important before finalijing of yourself your lovd ones marriage. DMIT Test is also iportant to be done before selecting a bride or groom for you and for your child. For appointment call Toll free 18008434561 Opp. Arti cinema , Ferozpur Road , Ludhiana