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धन का अभाव होगा दूर, यदि करें दीपदान
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धन का बहुत ही अभाव हो गया हो या ऋण बढ़ गया हो या धन फंस गया हो ,रुक गया हो, आपका ही धन ,देने वाले देने का नाम भी नहीं ले रहे हों तो शनि जयंती या शनिवार को श्री शनि मंदिर अथवा पीपल वृक्ष के पास यथा सामर्थ्य विषम संख्या में दीपदान करें मेरा विश्वास है धनागम होने लगेगा क्योंकि दरिद्रता के निवारण हेतु दीपदान सर्वोत्तम शास्त्रीय विधान है । तिल का तेल दीपदान हेतु उत्तम माना जाता है ।
शिव पुराण में भी दीपदान का बड़ा महत्त्व बताया हुआ है कि दीपदान करने से किस तरह एक साधारण चोर धनाध्यक्ष कुबेर बना । 
अतः ये उपाय खोल सकता है आपके लिए धन समृद्धि के द्वार .... 
कैसे करें विधान - बहुत ही सरल है अपनी सामर्थ्य अनुसार मिट्टी के दीपक लें तिल का तेल लें ,जोत बत्ती और माचिस लें थोड़ा देसी कपूर भी ले लें ताकि बत्तियों के मुंह पर कपूर लगा सकें जिससे बत्ती तुरंत प्रज्ज्वलित हो जाए । समय बचेगा ।और मोमबत्ती लें ।
11 -21-31-41-51 -108 -301-1008 
आदि संख्या में दीपक प्रज्वलित करें ध्यान रहे दीपक से दीपक बिल्कुल न जलायें ये दोष करक हो जाता है । समस्त दीपकों की जगमगाहट के साथ हाथ में जल , दक्षिणा,एक सुपारी और चुटकी भर चावल ले कर अपने देश काल का स्मरण करके अपना गौत्र अपना नाम उच्चारण करके अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ता व समस्त अवरुद्ध धन स्वतः आगमन कामना हेतु श्री शनि देव के जन्म दिन पर अमुक संख्या में दीप दान करता हूँ । कहते हुए जलादि अंजलि शनि चरणों में अर्पण करें । श्री गणेशाम्बिका एवं गुरु स्मरण कर हाथ में गंध अक्षत पुष्प लेकर समस्त दीपों नमस्कार कर पुष्प अर्पित करें और समस्त दीपों को श्री शनि देव के चरणों में अर्पण करें .....। शनि का पूजन अभिषेक नमस्कार आदि कृत्य सामने से न करें किनारे से करें विशेष चरणों का वंदन पूजन अवलोकन उत्तम रहता है । आजकल कई मंदिरो में शनि जी की प्रतिमा सामने पड़ने वाली पर दृष्टि युक्त हैं जो उचित नहीं हैं ।
ऊपर यानि उच्च दृष्टि की हुयी प्रतिमा का पूजन श्रेष्ठ होता । 
श्री शनि देव आपकी सद् मनोकामना पूर्ण करें ।
जय श्री शनि देव 
आचार्य भगवती कृष्ण सेमवाल